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Showing posts from May, 2021

How to learn english at home with fun

Contents [ hide ]  How to learn english at home with fun   english is only a language so do not worry about it. it's very easy to learn know i want to share 5 ways to learn english with fun at home its very easy and heplful proses for all of you. It's comfortable ; there is not any other place where you feel very comfortable without you home . when you are starting learning english you have to face problems. peoples started laughing on you . so home is very good and safe place to learning enlishg . it produces successful learnig.   Read out loud ;   reading silently can lelp teain you mind in english language . however reading out loud will train your tounge to speak english properly you can pick and book poem or short story . you want and start reading the word out loud  start with easy englsih reading material before moving on to there great most read english book  in the process of percticing speak englsih . you should also know if y...

कक्षा १२वी के पठ एक के नोट्स

 १ निर्वाह के तरीके ;  १.१ कृषि ; गेंहू ,जौ सफेद चना ,तिल, बाजरा, चावल अदि फशल उगाई जाती थी  १.२ पशुपालन ; जानवरो की हड्डियों से पशुपालन के अवशेस मिलते हे  भेड़, बकरी, भेंस, शुअर अदि जावेर पाले जाते थे  २ कृषि औद्योगिकी ;  २.१ हल का प्रचलन ; हड्डपाई मोहर से बेल का चित्र मिला है इससे पता चलता है की हड्डपा सभ्यता में बलों का उपयोग कृषि के लिए किया जाता था  चोलिस्तान, बलवली अदि से हल के प्रतिरूप मिले है एक साथ दो फसले उगाई जाती थी कालीबंगन में जुटे हुए कहे के प्रमाण मिले है  २.२ नहर ; अफगानिस्तान में सोतुरघई से नहर और धोलावीरा से जलाशय के प्रमाण मिले है कुआँ व नदी का उपयोग सिचाई के लिए किया जाता था  ३ मोहनजोदड़ो ; यह एक नियोजित शहरी केंद्र था  बस्ती दो भागों में विभाजित थाई दुर्ग और निचला शहर  ३.२ दुर्ग ; दुर्ग कच्ची ईंटो से बना इक चबूतरा था इसकी संरचना छोटी थी यह चारो और से दीवार से घिरा हुआ था  दुर्ग पर बनी शंरचना का उपयोग विशिस्ट कार्यो के लिए किया जाता था दुर्ग में एक मालगोदाम था और एक विशाल स्नानागार था जो चारो और से गलियारे...

संविधान का प्रस्तावना

  सर्वप्रथम अमेरिका संविधान में प्रस्तावना को सम्मिलित किया गया था तदुपरांत कई अन्य देशो  ने इसे अपनाया, जिनमे भारत भी शामिल है प्रस्तावना शांविधान के परिचय अथवा भूमिका को कहते है इसमें शंविधान का शार होता है प्रख्यात न्यायविद व शंवेधानिक विशेषज्ञ एन,ए पालकीवाला ने प्रश्तावना को शांविधान का परिचय पत्र कहा है प्रस्तावना के तत्व  १ शांविधान के अधिकारी का स्रोत ;   प्रश्तावना कहती है की शांविधान भारत के लोगो से शक्ति अधिग्रहीत करता है  २ भारत की प्रकर्ति ; यह घोसना करती है की भारत एक संप्रभु, समाजिक, धर्मनिर्पेच, लोकतान्त्रिक व गणतांत्रिक राजवयवस्था वाला देश है  ३ शांविधान के उद्देश्य ; इसके अनुशार न्याय , स्वतंत्रता , समानता व बंधुत्व के उद्देश्य है  ४ शांविधान लागु होने की तिथि ; भरता का संविधान २६ नवम्बर १९४९ को लहू हुआ  प्रस्तावना का महत्व ; प्रस्तावना में उस आधारभूत दर्सन और राजनैतिक, धार्मिक व नैतिक मौलिक मूल्यों का उल्लेख है जो हमारे संविधान के आधार है इसके संविधान सभा की महान और आदर्श सोंच उल्लिखित है इसके अलावा यह संविधान की नीव र...